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जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ


अब दुनिया को विज्ञान सिखाएंगी डॉ श्रीमती निधि शुक्ला

(Anil Dwivedi)

 "जिन खोजा तिन पाईयां, गहरे पानी पैठ।" यह सैकड़ों वर्ष पूर्व लिखे गए दोहे की एक पंक्ति मात्र नहीं बल्कि अकाट्य सत्य है, जिसे विज्ञान शिक्षिका डॉ.श्रीमती निधि शुक्ला ने एक बार फिर वास्तविक धरातल पर मूर्तरूप दिया है। अध्यापन की नवीनतम विधियों, नवाचारों को अपनाकर डॉ. निधि शुक्ला ने आदिवासी बहुल शहडोल जिले की प्रतिभाओं को तलाश और तराश कर विज्ञान के ज्ञान से सजाने संवारने का कार्य किया तो विश्व की शीर्ष साफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसाफ्ट ने डॉ. निधि को खोज निकाला और इनोवेटिव एजुकेटर एक्सपर्ट एमआईई चुनकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने का अवसर प्रदान करते हुए विज्ञान के ज्ञान को एक नया मुकाम देने का गुरुतर दायित्व भी सौंपा है। जिले के छतवई हायर सेकेण्डरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका डॉ. निधि का चयन शहडोल संभाग की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है।

शहडोल। संभाग मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर रीवा रोड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छतवई में पदस्थ डॉ. निधि शुक्ला का चयन माइक्रोसॉफ्ट इनोवेटिव एजुकेटर एक्सपर्ट एमआईई के रूप में किया गया है। यह उपलब्धि शिक्षा में टेक्नोलॉजी के नवाचारों और सक्रिय भूमिका के कारण प्राप्त हुई है। यह पहला अवसर है जब शहडोल जिला या संभाग से किसी शिक्षक को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने और शिक्षा को एक नई दिशा देने का अवसर प्राप्त हो सका है। डॉ. श्रीमती निधि शुक्ला की यह ऐतिहासिक उपलब्धि शहडोल संभाग में विज्ञान के ज्ञान और ज्ञानार्जन के तरीकों को एक नया विस्तार देगी इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता है।

दुनिया को देंगे सौगात

कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम में विश्व की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा इनोवेटिव एजुकेटर प्रोग्राम के तहत प्रतिवर्ष दुनियाभर में ऐसे शिक्षकों को जो अपने छात्रों को शैक्षणिक कार्यों में शामिल करने के लिए और नए और प्रभावी तरीके खोजने का प्रयास कर रहे है।ं इस प्रोग्राम के अंतर्गत माइक्रोसॉफ्ट इनोवेटिव एजुकेटर एक्सपर्ट के रूप में ऐसे शिक्षकों को मान्यता प्रदान करता है जो छात्रों में बेहतर तरीके से सीखने के लिए आधुनिक तकनीक आदि का प्रयोग कर रहे हैं और जो कंटेंट अध्यापन और टेक्नोलॉजी के साथ लाकर एडवांस लर्निंग को प्रोत्साहित करते हैं जिससे छात्रों को बेहतर ढंग से सीखने में मदद मिलती है और शिक्षण को भी नया रूप मिलता है। इस वर्ष 2020 21 सत्र के अंतर्गत पूरी दुनिया के 120 देशों में केवल 22000 शिक्षकों का चयन किया गया है, जो शिक्षण के नए तरीकों की खोज कर विश्व समुदाय से उनका साक्षत्कार कराएंगे। उनकी यह संभावित खोज अथवा सौगात विज्ञानार्थियों के लिये मील का पत्थर साबित होगी।

उत्कृष्ट कार्यों ने दिलाया अवसर

शिक्षिका डॉ. निधि शुक्ला के द्वारा पिछले कुछ वर्षो से विपनेट साइंस क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों और नागरिकों में जैव विविधता संरक्षण जागरूकता के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन, अंधविश्वास के प्रति वैज्ञानिक चेतना के विकास, दैनिक जीवन में नवाचार को बढ़ावा देने और विज्ञान को ब्लैक बोर्ड और पाठ्य पुस्तकों से बाहर लाकर प्रायोगिक रूप को बढ़ावा देने के लिए, खगोलीय घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए, डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रयोग किए जाते रहे हैं। 

मध्यप्रदेश से 6 शिक्षक चयनित

माइक्रोसॉफ्ट की नवीनतम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी संबंधी प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और उन्हें विचारों को एक दूसरे के साथ सांझा करने के लिए वैश्विक मंच उपलब्ध कराया गया जहां वह विश्व के अन्य देशों के शिक्षकों के साथ मिलकर टीचिंग लर्निंग में इनोवेशन को प्रोत्साहन दे सके। माइक्रोसॉफ्ट एजुकेशन इस साल 83 देशों में से 240 मोस्ट इनोवेटिव एजुकेटर एजुकेशन एक्सचेंज के लिए नए विचार और असाधारण टीचिंग प्रैक्टिस को सांझा किया है। पूरे मध्यप्रदेश में से 6 शिक्षकों का चयन माइक्रोसॉफ्ट इनोवेटिव एजुकेटर  के लिए हुआ है जिसमें शहडोल जिले की डॉ निधि शुक्ला का चयन हुआ है।

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