समाज सेवी, पत्रकारों का प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मान
नगर पत्रकार परिषद का अनूठा आयोजन, किया समाज के उत्कृष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रधर्म की अमर ज्योति महाराणा प्रताप को समर्पित श्रद्धांजलि
भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों में महाराणा प्रताप का नाम अदम्य साहस, अटूट स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अनन्य समर्पण के प्रतीक के रूप में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और राष्ट्रधर्म के आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। उनका संपूर्ण जीवन त्याग, संघर्ष, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की ऐसी अमर गाथा है, जो युगों-युगों तक देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी। इसी प्रेरणादायी विरासत को स्मरण करते हुए नगर पत्रकार परिषद धनपुरी द्वारा महाराणा प्रताप जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रीय चेतना के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर समाज, शिक्षा, पत्रकारिता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उत्कृष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान कर उनके कार्यों को राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ते हुए गौरवान्वित किया गया।
धनपुरी। भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों पर अमिट अक्षरों में अंकित मेवाड़ के महान योद्धा, राष्ट्र गौरव और अदम्य स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती नगर पत्रकार परिषद धनपुरी द्वारा श्रद्धा, सम्मान और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर समाज, शिक्षा, पत्रकारिता तथा जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं पत्रकारों का सम्मान कर उनके कार्यों को सराहा गया।
कार्यक्रम का आयोजन नगर पत्रकार परिषद कार्यालय में किया गया, जहाँ परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद शमीम खान के नेतृत्व में महाराणा प्रताप के जीवन, उनके शौर्य, त्याग, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को स्मरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उपस्थित अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर भारत माता के इस अमर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने स्वागत उद्बोधन में परिषद अध्यक्ष मोहम्मद शमीम खान ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर शासक नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, राष्ट्रभक्ति और संघर्षशील जीवन के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनका संपूर्ण जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले व्यक्तियों का सम्मान करना भी महाराणा प्रताप के आदर्शों का अनुसरण करना है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विजय सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेते हैं, जो अपने साहस और स्वाभिमान के बल पर युगों-युगों तक प्रेरणा के स्रोत बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की। हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक था। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर कठिन से कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पत्रकार सनत कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सत्य, न्याय और जनहित की दिशा में जागरूक करना है। महाराणा प्रताप का जीवन हमें सत्य और सिद्धांतों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है तथा पत्रकारों को सदैव समाजहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। इस तरह के आयोजनों से आज की युवा पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास मातृभूमि और राष्ट्र प्रेम की भावना का संचार होता है। हमारे युवाओं को यह जानना होगा कि हमारा देश गौरवशाली इतिहास से भरा पड़ा है मैं युवाओं से यह अपील करता हूं कि वह समाज में उत्कृष्ट कार्य करने की सोच और जज्बे को पैदा करें। सफलता असफलता आपकी कड़ी मेहनत पर निर्भर करता है. और यदि सच्चे मन और पूरी लगन के साथ समाज सेवा या कोई भी क्षेत्र हो आप उसमें अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। समाज का चौथा स्तंभ होने के लिए यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि आप समाज के दबे कुचले शोषित लोगों को न्याय दिलाए। और शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में उन्हें बताएं।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन न्याय, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रधर्म का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में विधि व्यवस्था, नैतिकता और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मुबारक मास्टर ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और अदम्य साहस की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों, सत्य, सम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए कभी समझौता नहीं करना चाहिए। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाए।
समाजसेवी एवं वरिष्ठ नागरिक गणेश प्रताप सिंह ‘दादू’ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति के ऐसे प्रकाश स्तंभ हैं, जिनकी गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तियों का सम्मान करना वास्तव में उन मूल्यों का सम्मान करना है, जिनके लिए महाराणा प्रताप ने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समाज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को पुष्पमाला, एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले सभी अतिथियों ने नगर पत्रकार परिषद के इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करने वाला आयोजन बताया।
कार्यक्रम के उपरांत सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने परिषद कार्यालय में स्वल्पाहार ग्रहण किया तथा महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। उपस्थित सभी लोगों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रहित, समाजसेवा और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए वे सदैव सक्रिय रहेंगे।
अंत में बृजवासी अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का अनुपम संदेश देता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, सम्मानित जनों एवं नगर पत्रकार परिषद के पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेरणा, एकता और जागरूकता का संचार करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव के भावों के साथ संपन्न हुआ, जहाँ प्रत्येक उपस्थित व्यक्ति ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलकर समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) के नेशनल काउंसलर एवं वरिष्ठ पत्रकार अनिल द्विवेदी, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) के प्रदेश संगठन मंत्री राहुल सिंह राणा, वरिष्ठ पत्रकार सनत शर्मा, एडवोकेट प्रदीप सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मुबारक मास्टर,डॉ. हीरामणि सोनी, दिग्विजय सिंह, ऋषिकेश दबे, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी, संभागीय पदाधिकारी राजेंद्र त्रिपाठी, समाजसेवी गणेश प्रताप सिंह दादू,भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) के जुनैद खान, जितेन्द्र विश्वकर्मा, प्रदीप शर्मा (भोलू ), ब्रजवासी अग्रवाल, एस. पी. सिंह, राजू अग्रवाल, सफीक खान, मुरलीधर त्रिपाठी, मोहम्मद नदीम खान, अतीक खान,लव कुमार सिंह व नगर के गणमान्य नागरिक और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।




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