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आशुतोष के कारण ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

 कई ग्राम पंचायतों में रचे भ्रष्टाचार के कीर्तिमान

इंजीनियर और ठेकेदार कर रहे जनपद का बंटाढार

आशुतोष भगगवान शिव का एक नाम हे जिन्होंने सृष्टि की रक्षा के लिये समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था। पौराणिक काल की इस घटना के उलट मौजूदा काल में भगवान शिव के नामधारी इंजीनियर ने विषपान की जगह विष वमन का मार्ग चुना है और जयसिंहनगर जनपद क्षेत्र की ग्रामीण विकास प्रक्रिया को मनमानी और भ्रष्टाचार के विष से सराबोर कर दिया है। कई वर्षों से जयसिंहनगर क्षेत्र में जमें उक्त इंजीनियर ने भ्रष्टाचार के जो कीर्तिमान रचे हैं उनकी यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो लाखों नहीं करोड़ों की अनियमितता उजागर होने से शायद ही कोई रोक पाएगा।
अनिल द्विवेदी
 शहडोल। त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रणाली ने ग्रामीण भारत के संरचनात्मक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गांव का विकास गांव के लोगों द्वारा किये जाने की अवधारणा को लेकर संविधान संशोधन के माध्यम से कार्यान्वित की गई पंचायत राज व्यवस्था से निश्चित तौर पर ग्रामीण विकास को गति मिली है अधिकांश क्षेत्रों में गांवों की तस्वीर ही नहीं तकदीर भी बदलता देखा गया है लेकिन कुछ गांव और ग्रामांचल ऐसे भी हैं जहां भ्रष्टाचार के दीमक ने ग्राम स्वराज से राम राज की मूल भावना वाली पंचायतराज व्यवस्था को नेस्तनाबूद करके रख दिया है। जिलेा जयसिंहनगर जनपद पंचायत क्षेत्र ऐसे ही ग्रामांचलों में शामिल है जहां सरेआम निर्माण एवं विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टा चार का दीपक नहीं होला जलाई जा रही है।


उपयंत्री का कमाल, जनपद बदहाल
जयसिंहनगर जनपद पंचायत में उपयंत्री के पद पर वर्षों से पदस्थ आशुतोष चतुर्वेदी मौजूदा समय में न सिर्फ अपनी मनमानी, भ्रष्टाचार और स्वेच्छाचारिता के लिये समूचे जनपद क्षेत्र में चर्चित हैं बल्कि ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी बाधा के रूप में अपनी पहचान बनाते नजर आ रहे हैं। उक्त उपयंत्री द्वारा अब तक जितने भी ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य कराए गए या कार्यों के मूल्यांकन पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने के कार्य किये गए उनकी यदि जांच कराई जाए तो प्रथम दृष्टया ही यह साबित होने में समय नहीं लगेगा कि गांवों में निर्माण और विकास कार्यों में किस हद तक अनियमितताएं बरत कर अवैध कमाई का साम्राज्य खड़ा किया गया है। अवैध कमाई और मनमानी की इस दौड़ में शामिल उपयंत्री के कमाल का नतीजा यह है कि  जनपद जयसिंहनगर जनपद क्षेत्र बदहाली के कगार पर आ खड़ा हुआ है।
ठेकेदारों का रहमोकरम
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपयंत्री आशुतोष चतुर्वेदी ने अपने प्रभार वाले क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों को ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और पूरे जयसिंहनगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में फैले ठेकेदारों के रहमोंकरम पर छोड़ दिया है। गांवों में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता का परीक्षण किया जाए तो जो तथ्य सामने आएंगे उसे देखकर अधिकारी गण तो दूर एक सामान्य ग्रामीण भी  बिना लाग-लपेट के कह देगा कि उक्त व्यक्ति एपयंत्री का दायित्व निभाने के लायक शायद नहीं है।
काम हजार का, मूल्यांकन लाखों में
ग्राम पंचायम नवा टोला इसका ताजा और प्रत्यक्ष उदाहरण है जहां साढ़ सात मीटर की एक पुलिया को प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई। ग्राम पंचायत के ग्रामीण आदिवासी सरपंच तो कार्य कराने से रहे, क्षेत्र के नामी-गिरामी ठेकेदार ने अपना खेल खेला और साढ़ सात मीटर की बजाय तीन म्ीटर की पुलिया बना दी तथा चार मीटर सड़क के निारे दीवार जैसी मंडेर बना दी ताकि देखने वालों को पुलिया ही लगे। बताया जाता है कि बमुश्किल पचास हजार रुपये की लागत से बनी इस पुलिया का उपयंत्री द्वारा पांच लाख रुपये मूल्यांकन कर दिया गया और शासकीय राशि ठेकेदार व उपयंत्री की तोद बढ़ाने के काम आ गई। ऐसी ही एक पुलिया और इसी नवाटोला गांव में बनी है उसमें भी उपयंत्री ठेकेदार और पंचायत सचिव ने लाखों डकार कर कुछ हजार में पुलिया बना दी गई और और अब ग्रामीण अपना सिर पीटने के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं।
एक नहीं हजार काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंजीनियर आशुतोष चतुर्वेदी पिछले कई सालों से इसी जनपद क्षेत्र में कार्यरत हैं। हालांकि बीच-बीच में उनका सेक्टर भी अन्य उपयंत्रियों की तरह बदलता भी रहा है लेकिन वह जहां भी जिस सेक्टर में पदस्थ रहे वहां हमेशा अपनी मर्जी ही चलाई है। उनके अपने चहेते ठेकेदार हैं जो निर्माण कार्यों में व्यापक अनियतिताएं बरतते और अंधाधुध अवैध कमाई करते रहे और अपना और उपयंत्री का भला करते रहे हैं। जानकार सूत्रों की मानें तो वह जिन-जिन सेक्टरों में कार्यरत रहे हैं उनमें कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराई जाए तो करोड़ों के भ्रष्टाचार के उजागर होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। उपयंत्री आशुतोष के कारनामों की फेहरिश्त लंबी है जिन्हें क्रमश: उजागर किया जाएगा।

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