नेतागीरी की चमक में निपट गई सड़क
ग्रेवल रोड निर्माण कार्य में टूटे भ्रष्टाचार के कीर्तिमान
भाजपा मंडल अध्यक्ष के कब्जे में सिसक रही तेंदूडोल ग्राम पंचायत
सरपंच से हिस्सेदारी, सचिव पर दबाव बना है भारी
" एक संजय वह थे जिनकी दिव्य दृष्टि कुरुक्षेत्र के महाभारत युद्ध पर थी, दूसरे संजय वह हैं जिनकी दृष्टि पंचायत राज के खजाने पर है। शासकीय संकल्प और मंशा के विपरीतभाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा ग्राम पंचायतों के लबादे के भीतर से कई निर्माण कार्मय कराये जा रहे हैं जिनमे नियम निर्देशों की होली जलाकर सरकारी धन से फाग खेला जा रहा है ऐसे ही एक ग्रेवल रोड ग्राम पंचायत तेंदू डोल में बनवाई जा रही है । सरपंच को कमीशन की चासनी चटाकर ग्रेवल रोड बनवा रहे तथाकथित नेता द्वारा अपनाए जा रहे नित नए हथकंडों से जहां एक ओर ग्राम पंचायत चीत्कार कर उठी है वहीं दूसरी ओर पंचायत सचिव को अपनी नौकरी बचाने के लिये जद्दोजहद करनी पड़ रही है। "
शहडोल। जिले में पंचायत राज प्रणाली अघोषित ठेकेदारी का माध्यम मात्र बन कर रह गई है। जिले में शायद ही ऐसी कोई ग्राम पंचायत होगी जो किसी अघोषित ठेकेदार से अछूती हो। कहीं सत्तारूढ़ दलों के दिग्गज तो कहीं विपक्षी दलों के नेता पंचायतों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इसी तथाकथित सेवा के नाम पर मेवा खाने के बजाय ग्राम पंचायतों के अस्तित्व को नेस्तनाबूद करने पर तुले हुए हैं। ऐसे ही एक सत्तारूढ़ दल के नेता कहे जाने वाले मंडल अध्यक्ष ने जयसिंहनगर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत तेंदूडोल के सरपंच को अपना खास और ग्राम पंचायत को ग्रास बनाए बैठे हैं और निर्माण कार्यों में अंधाधुंध मनमानी कर ग्रामीण विनाश का पथ प्रशस्त कर रहे हैं।
तेंदूडोल की स्थिति डांवाडोल
जनपद जयसिंह नगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत तेंदूडोल में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा लगभग एक किलोमीटर ग्रेवल रोड का निर्माण कराया जा रहा है। जीरामजी योजना के तहत बन रही इस सड़क में अनियमितताओं की सार सीमाएं लांघने का कार्य किया गया है। नाम की एजेंसी ग्राम पंचायत और काम की एजेंसी भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा पूरी सड़क में सिर्फ मिट्टी और मुरुम का इस्तेमाल किया गया है जो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि उक्त रोड को किसी भी प्रकार से ग्रेवल रोड तो नहीं कहा जा सकता है। मिट्टी-मुरुम रोड बनाकर ग्रवल रोड की राशि आहरित करने का दुष्चक्र रचा गया है जिसे सफल हाने में वक्त नहीं लगेगा। सिर्फ रोड ही नहीं बल्कि पंचायत द्वारा ऐसे निर्माण कार्य कराए गए हैं जो न सिर्फ औचित्य विहीन हैं बल्कि सीधे-सीधे शासकीय राशि का दुरुपयोग हैं। भाजपा के कथित नेता की बेजा दखलंदाजी ने ग्राम पंचायत की स्थिति को बद से बदतर कर दिया है।
आओ साहेब देखो तो...
मनरेगा के तहत बनाई गई एम किलोमीटर लंबी ग्रेवल रोड में बमुश्किल दस मीटर हिस्से में ही गिट्टी यानी जीएसबी पड़ी है शेष पूरी रोड में मुरुम और मिट्टी ही देखने को मिलती है। रोड में न तो रोलर का उपयोग किया गया और न ही समतलीकरण कराया गया परिणामत: ग्रेवल रोड पत्ते के दोने की तरह बीच में दबी हुई हैऔर वाहनों का निकल पाना दूभर हो रहा है। इस रोड में अपनी करतूतों को छिपाने के लिये गिट्टी की डस्ट को ट्रैक्टर के माध्यम से बिछवाया गया है ताकि किसी की नजर न पड़े। लेकिन चीख-चीख कर भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रही रोड मनरेगा के पीओ और जिला पंचायत के सीईओ को खुला आमंत्रण दे रही है कि साहब आओ और मेरी दुर्दशा का मूल्यांकन कर दोषियों का हिसाब करो वरना विकास की बाट जोह रहे ग्रामीणों के विनाश को फिर वह भी रोक नहीं पाएंगे।
बिना सड़क की पुलिया
ग्राम पंचायत तेंदूडोल में भाजपा मंडल अध्यक्ष का ताज संभालने वाले कथित विकासवाहक नेता द्वारा ऐसे-ऐसे निर्माण कार्य कराए गए हैं जिनके बारे में जानकारी मिलने पर जिला पंचायत के मनरेगा परियोजना अधिकारी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी अपना सिर पीटे बिना शायद ही रह पाएं। प्राप्त जाकारी के अनुसार पंचायत के कर्ता-धर्ताओं ने शासकीय राशि की बंदरबांट सुनिश्चित करने के लिये ऐसे निर्माण कराए हैं जिनका नतो कोई औचित्य है और न ही उससे किसी को कोई लाभ मिलने वाला है। पंचायत भवन के समीप स्थित तालाब के मेड़ पर पांच लाख रुपये की लागत से बनी पुलिया इसका प्रमाण है । इसके अलावा भी कई निर्माण कार्य बिना जनता की सहमति के मनमाने तारीके से कराए गए हैं।
ग्राम पंचायत तेंदूडोल में व्याप्त भ्रष्टाचार और भाजपा नेता की मनमानी के चलते रचे जा रहे विनाश के चक्रव्यूह में फंसे ग्राम पंचायत तेंदूडोल के ग्रामीणों ने कलेक्टर शहडोल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जीरामजी पीओ और जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ईमानदार कर्मठ सीईओ सेमौके पर जाकर वस्तु स्थिति का आंकलन कर दोषी जनों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है।



0 टिप्पणियाँ