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हैंडपम्प सरकारी सींच रही तरकारी

 वार्ड क्रमांक 6 में स्वीकृत हैंडपंपों के वितरण पर उठे सवाल

 प्रभावशाली लोगों के घरों में स्थापना के आरोप




शहडोल। जिला पंचायत शहडोल के वार्ड क्रमांक 6 के अंतर्गत जनपद पंचायत जयसिंहनगर के विभिन्न गांवों में जिला पंचायत की अनुशंसा से स्वीकृत 25 हैंडपंपों के वितरण और स्थापना को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए स्वीकृत अधिकांश हैंडपंप गांव की आम आबादी तक पहुंचने के बजाय सरपंचों, सचिवों, स्थानीय नेताओं तथा अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के घरों या निजी परिसरों में स्थापित कर दिए गए हैं, जहां उनका उपयोग निजी बोरवेल की तरह किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों पर पेयजल की सबसे अधिक आवश्यकता थी, वहां आज भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों के यहां सरकारी संसाधनों का लाभ आसानी से उपलब्ध है। विशेष रूप से देवरा और जमुनिहा गांवों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया जा रहा है कि यहां हैंडपंपों का वितरण निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया और कई प्रभावशाली लोगों को इसका लाभ मिला।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य से चुनाव जिताने के नाम पर कथित रूप से आर्थिक सहयोग या शुल्क वसूला गया था, जिसके बाद समर्थकों और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देते हुए हैंडपंप स्वीकृत कराए गए। हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा स्वीकृत सभी 25 हैंडपंपों की स्थलवार जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

फिलहाल इस संबंध में संबंधित अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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