वार्ड क्रमांक 6 में स्वीकृत हैंडपंपों के वितरण पर उठे सवाल
प्रभावशाली लोगों के घरों में स्थापना के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों पर पेयजल की सबसे अधिक आवश्यकता थी, वहां आज भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, जबकि कई पंचायतों की ठेकेदारी कर रहे सुरेन्द्र सिंह जैसे प्रभावशाली लोगों के यहां सरकारी संसाधनों का लाभ आसानी से उपलब्ध है। विशेष रूप से देवरा और जमुनिहा गांवों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया जा रहा है कि यहां हैंडपंपों का वितरण निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया और कई प्रभावशाली लोगों को इसका लाभ मिला।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य से चुनाव जिताने के नाम पर कथित रूप से आर्थिक सहयोग या शुल्क वसूला गया था, जिसके बाद समर्थकों और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देते हुए हैंडपंप स्वीकृत कराए गए। हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा स्वीकृत सभी 25 हैंडपंपों की स्थलवार जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
फिलहाल इस संबंध में संबंधित अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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