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एसईसीएल की एमआरपी घटा रहा ठेकेदार आरपी


 ठेकेदार और अधिकारियों के बीच फुटबाल बने मजदूर

- ठेका श्रमिकों के लगातार शोषण और जिंदगी से खिलवाड का आरोप


[अनिल द्विवेदी]
धनपुरी। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा सोहागपुर कोयलांचल स्थित विभिन्न कोयला खदानों में विद्युत सप्लाई एवं मेंटेनेंस का ठेका मैसर्स आरपी जायसवाल नामक फर्म को दिया गया है। उक्त ठेकेदार द्वारा काम पर लगाए गए कुशल,  अकुशल और अर्ध कुशल श्रमिकों को आधे से भी कम मजदूरी राशि का भुगतान कर उनका शोषण किया जा रहा है यदि कोई श्रमिक कर्मचारी ठेकेदार की मनमानी का विरोध करने का साहस जुटाता है तो उसे तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाता है जिसके कारण कोई भी विरोध नहीं कर पा रहा है। कुल मिलाकर आलम यह है कि ठेकेदार आरपी एसईसीएल सोहागपुर कोयलांचल की एम‌आर‌पी ( मैनेजमेंट रेटिंग पाइंट) को ध्वस्त करने में जुटा हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी मुफ्त की मलाई पर हाथ साफ करने में व्यस्त हैं।
मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़


बताया जाता है कि हाई वोल्टेज लाइन पर ठेका मजदूर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। ठेकेदार आरपी जयसवाल और अन्य द्वारा सिर्फ उनका शोषण किया जा रहा है, कम मजदूरी पर जबरन काम करवाया जा रहा हैं, कालरी इंजीनियर के देख रेख और जानकारी में जान जोखिम में डाल कर, कम मजदूरी पर काम करवाया जा रहा हैं, मजदूरो ने कम मजदूरी की शिकायत मैनेजर से किया तो ठेकेदार काम से हटाने की धमकी दे रहा है ,और कालरी प्रशासन के अधिकारीगण मौन साधे बैठे हैं। ।कम मजदूरी देने  के केश में फंसने से बचने के लिए आज तक तीन महीने से ठेकेदार ने मजदूरो की पैमेन्ट सीट, एलपीसी मैनेजर के पास जमा नहीं किया है ।ठेकेदार को मजदूरों की सप्लाई करने का टेन्डर  356-दिन का ही मिला है ।अमलई ओ सी एम  में भी यही ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहा हूँ मजदूरो के पी एफ का पता नहीं, जमा किया है या जमा नहीं किया है ,मैनेजर जानकारी नही दे रहे हैं ।
पिस रहे मजदूर 
आरोपित किया गया है कि ठेकेदार कंपनी द्वारा अकेले शारदा ओसीएम का ठेका 40 लाखों रुपए में लिया गया है जिसमें जरूरत  के अनुसार 15 फ़ीसदी का इजाफा भी किया जा सकता है यानि लगभग ₹46 लाख रुपए के इस कार्य में जो विशुद्ध रूप से कार्य करने वाले मजदूरों के लिए राशि है उसे स्वयं हड़प कर 25 फ़ीसदी मजदूरी राशि का भुगतान ही किया जा रहा है और गरीबी व बेरोजगारी के मारे डिप्लोमाधारी कुशल, अकुशल मजदूर ना चाहते हुए भी किसने को मजबूर हैं। यह सिर्फ एक खदान का मामला नहीं है, कमोबेश एरिया की सभी खदानों में यही स्थिति है और ठेकेदार डंके की चोट पर मनमानी पर उतारू हैं।
निवाले पर सरेआम डाका 
बताया जाता है कि सोहागपुर कोयलांचल की सभी कोयला खदानों में 32 केवी या अन्य विद्युत लाइनों के मेंटेनेंस और विद्युत आपूर्ति की सुनिश्चितता के लिए एसईसीएल द्वारा निजी ठेका कंपनियों अथवा ठेकेदारों को दायित्व सौंपा गया है और उसके लिए एस्टीमेट कास्ट के आधार पर राशि भी आवंटित की गई है। ठेकेदारों द्वारा ठेका प्राप्त करने के होड़ के चलते कम दर पर ठेका तो ले लिया जाता है और उसके बाद अपनी जेबे भरने के लिए गरीब मजदूरों के निवाले पर सरेआम डाका डाला जा रहा है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण सोहागपुर एरिया की कोयला खदानों में कार्य कर रहे ठेकेदार आरती जयसवाल एंड कंपनी के रूप में देखा जा सकता है।
सिविल विभाग की चुप्पी
महत्व पूर्ण सत्य है कि यह पूरा गोरख धंधा और शोषण का कारोबार सिविल विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की नाक के नीचे चल रहा है जो प्रत्यक्ष तौर पर इन कार्यरत ठेका श्रमिकों के प्रथम नियुक्त कहलाते हैं स्टाफ ऑफिसर सिविल डिपार्टमेंट एसईसीएल सोहागपुर एरिया द्वारा इन कर्मचारियों की दुरावस्था को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता रहा है इसकी मुख्य वजह यह है कि ठेकेदार द्वारा सिविल विभाग के अधिकारी एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को समय-समय पर सुविधा शुल्क से उपकृत किया जाता है और इस अतिरिक्त कमाई के लोभ के कारण सिविल विभाग का हमला जानबूझकर मामले से पल्ला झाड़ लेता है जिसका खामियाजा गरीब बेरोजगार मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
रोजाना हादसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 24/06/23 को इन्ही मजदूरों में से एक मजदूर को करंट का झटका लगा वही दूसरा मजदूर दिवस के दिन झटका लगा और वह काम करते हुए छत की सीट टूटने से गिरकर चोटिल हो गया है, किसी ने उसे अस्पताल भेजने की जहमत भी नहीं उठाया, चोट लगने के बाद से मजदूर घर में पडा हैं, ठेकेदार या जिम्मेदार मौन, डाक्टर एक्स रे कराने की सलाह दे रहे है मजदूर रुपये पैसे की कमी के कारण आज तक 25/06/23एक्स रे  नहीं करवा पा रहा है । ठेकेदार ठेके की राशि वसूल कर खुश है, सिविल विभाग के लोग  कमीशन लेकर, आम मजदूर की जिंदगी को फुटबाल  बनाकर खेलने की कोशिश की जा रही है जिस पर  प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
महाप्रबंधक से मांग
सोहागपुर कोयलांचल में चल रही मनमानी और मजदूरों के शोषण के इस गोरखधंधे की जानकारी एरिया के मुख्य महाप्रबंधक को ना हो यह संभव नहीं है और यदि वास्तव में उनको यह जानकारी नहीं मिल पा रही है तो इसे उनकी क्षमता का प्रमाण ही माना जा सकता है स्थानीय श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों नागरिकों एवं पीड़ित मजदूरों के परिजनों ने मुख्य महाप्रबंधक सुहागपुर एरिया का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ठेका श्रमिकों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण पर तत्काल रोक लगाकर उन्हें सुरक्षित कार्य का अवसर और निर्धारित दर पर मजदूरी का भुगतान कराए जाने की मांग की गई है।


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